Chitragupta Puja 2024: चित्रगुप्त पूजा 2 या 3 नवंबर 2024 कब? इस दिन किताब-कलम की पूजा की सही विधि जानें
चित्रगुप्त पूजा, जो कि हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है, विशेष रूप से लेखकों, छात्रों और व्यवसायियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस पूजा का आयोजन मुख्य रूप से चित्रगुप्त, जो कि सभी लेखों और रिकॉर्ड्स के रक्षक माने जाते हैं, की कृपा पाने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि 2024 में यह पूजा कब आयोजित की जाएगी और इसकी विधि क्या है।
चित्रगुप्त पूजा का दिन
चित्रगुप्त पूजा 2024 में 2 नवंबर (शनिवार) को मनाई जाएगी। यह दिन अमावस्या तिथि के साथ आता है, जो कि इस पूजा के लिए विशेष माना जाता है।
चित्रगुप्त पूजा की विधि
चित्रगुप्त पूजा की विधि सरल लेकिन महत्वपूर्ण है। यहाँ पूजा करने की सही विधि दी गई है:
- सामग्री एकत्रित करें:
- पूजा के लिए एक साफ स्थान पर बैठें।
- चित्रगुप्त जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- पूजा की सामग्री में किताब, कलम, दीपक, अगरबत्ती, फूल, फल और मिठाइयाँ शामिल करें।
- स्नान और शुद्धि:
- पूजा करने से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- स्थापना:
- चित्रगुप्त जी की मूर्ति या चित्र को उत्तर की ओर रखें।
- किताब और कलम को उनके समक्ष रखें।
- दीप जलाएं:
- दीपक जलाएं और अगरबत्ती भी लगाएं।
- मंत्र और प्रार्थना:
- चित्रगुप्त जी के लिए विशेष मंत्रों का जाप करें, जैसे:
- “ॐ चित्रगुप्ताय नमः”
- प्रार्थना करें कि वे आपके कार्यों में सफलता प्रदान करें।
- चित्रगुप्त जी के लिए विशेष मंत्रों का जाप करें, जैसे:
- नैवेद्य अर्पित करें:
- चित्रगुप्त जी को फल, मिठाई और अन्य नैवेद्य अर्पित करें।
- अर्जुन की पूजा:
- पूजा के बाद, अपने कार्यों के लिए सफलता की प्रार्थना करें और कलम और किताब का पूजन करें।
- प्रसाद वितरण:
- पूजा के बाद, प्रसाद का वितरण करें और सभी को इसका सेवन करने के लिए प्रेरित करें।


Your comment is awaiting moderation.
Hey, you used to write magnificent, but the last several posts have been kinda boringK I miss your tremendous writings. Past several posts are just a little bit out of track! come on!