विवाह पंचमी 2024: जानें पूजन विधि, शुभ मुहूर्त और इस त्योहार का महत्व
विवाह पंचमी का महत्व
विवाह पंचमी हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के पवित्र विवाह की स्मृति में मनाया जाता है। यह पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं में विशेष स्थान रखता है। श्रीराम चेतना और माता सीता प्रकृति का प्रतीक माने जाते हैं।
विवाह पंचमी 2024 की तिथि
विवाह पंचमी का त्योहार इस साल 6 दिसंबर 2024, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन भक्तजन भगवान राम और माता सीता की पूजा करके उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं।
शुभ मुहूर्त
पूजन और अनुष्ठान के लिए इस दिन का शुभ मुहूर्त है:
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:56 से दोपहर 12:38 तक।
- प्रदोष काल: शाम 5:22 से रात 7:46 तक।
पूजन विधि
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- राम और सीता की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें नए वस्त्र पहनाएं।
- देवी-देवताओं का आह्वान करें और रामचरितमानस का पाठ करें।
- भगवान श्रीराम और माता सीता को फूल, फल, मिठाई और पंचामृत अर्पित करें।
- अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें।
विवाह पंचमी का आध्यात्मिक महत्व
विवाह पंचमी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक है। यह दिन सिखाता है कि समर्पण, प्रेम और परस्पर समझ से संबंध कैसे सुदृढ़ बनाए जा सकते हैं।


Your comment is awaiting moderation.
so much good info on here, :D.