भारतीय वायुसेना को मिलेगा 12 सुपर सुखोई का साथ, 13500 करोड़ की डील से बढ़ेगी ताकत
भारतीय वायुसेना को मिलेगा नया शक्ति स्रोत: 12 सुपर सुखोई विमान
भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा होने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने 12 नए सुपर सुखोई (Su-30MKI) लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 13500 करोड़ रुपये की डील फाइनल की है। यह डील भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है और देश की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
सुपर सुखोई: क्या है इसकी खासियत?
सुपर सुखोई विमान उन्नत तकनीक से लैस हैं और इनका निर्माण हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के सहयोग से किया जाएगा। इनमें अत्याधुनिक रडार सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता और बेहतर नेविगेशन सिस्टम शामिल हैं। यह विमान दुश्मन के लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को ट्रैक और नष्ट करने में सक्षम हैं।
13500 करोड़ रुपये की डील का महत्व
यह डील केवल वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि देश की रक्षा निर्माण क्षमता को भी मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। सुपर सुखोई विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी बढ़ावा मिलेगा।
पाकिस्तान और चीन को मिलेगा करारा जवाब
सुपर सुखोई विमानों की तैनाती भारत की उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर की जाएगी। यह चीन और पाकिस्तान की किसी भी आक्रामक हरकत का जवाब देने के लिए बेहद प्रभावी साबित होंगे। भारतीय वायुसेना को इन विमानों की मदद से अपने रणनीतिक मिशनों को अधिक कुशलता से पूरा करने में मदद मिलेगी।
वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा
सुपर सुखोई विमान भारतीय वायुसेना के मौजूदा बेड़े में एक बड़ा बदलाव लाएंगे। इन विमानों को देश की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए डिजाइन किया गया है। इन्हें न केवल हवाई हमलों के लिए, बल्कि ग्राउंड सपोर्ट और मल्टी-रोल ऑपरेशन्स के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
घरेलू उत्पादन का फायदा
डील का एक और बड़ा फायदा यह है कि सुपर सुखोई विमानों का निर्माण भारत में ही होगा। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि घरेलू रक्षा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। यह डील भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।
विशेषज्ञों की राय
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस डील से भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा होगा। सुपर सुखोई विमानों की तकनीक और उनकी युद्ध क्षमता भारत को एशिया के सबसे मजबूत वायुसेना बलों में शामिल कर देगी।
निष्कर्ष
13500 करोड़ रुपये की इस डील से भारतीय वायुसेना को 12 सुपर सुखोई विमान मिलेंगे, जो देश की सुरक्षा को और मजबूती प्रदान करेंगे। पाकिस्तान और चीन की बढ़ती चुनौतियों के बीच यह कदम भारत की रक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। घरेलू उत्पादन के जरिए यह डील देश के रक्षा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भी काम करेगी।


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