Delhi-NCR के किसानों को वन मंत्रालय का बड़ा झटका: 5 हजार से 30 हजार रुपये तक का पर्यावरण शुल्क लगने का आदेश
दिल्ली-एनसीआर के किसानों को वन मंत्रालय से बड़ा झटका लगा है। अब राजधानी और इसके आसपास के इलाकों में खेती करने वाले किसानों को पर्यावरण शुल्क के तौर पर 5 हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक का भुगतान करना पड़ेगा।
क्या है ये नया आदेश?
वन मंत्रालय ने पर्यावरण संरक्षण के तहत दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों के लिए एक नया पर्यावरण शुल्क लागू किया है। इसके तहत, किसानों को अपनी फसल की उत्पादन गतिविधियों के लिए अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा, जो उनके खेती के आकार और स्थान पर निर्भर करेगा।
शुल्क कितनी राशि तक होगा?
- छोटी भूमि (जिनमें 1-2 एकड़ तक की खेती की जाती है) पर 5,000 रुपये का शुल्क तय किया गया है।
- बड़ी भूमि (जिनमें 2 एकड़ से अधिक की खेती की जाती है) पर 30,000 रुपये तक का शुल्क लग सकता है।
क्या वजह है इस शुल्क की?
सरकार के मुताबिक, पर्यावरण संरक्षण और वनों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कदम को उठाया गया है। इस शुल्क का उद्देश्य जंगलों के आस-पास की खेती से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना और हरीतिमा को बनाए रखना है।
किसानों पर प्रभाव
इस आदेश से दिल्ली-एनसीआर के किसानों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ सकता है, क्योंकि पहले ही वे कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जैसे किसान आंदोलन, मौसम का बदलाव, और उत्पादन लागत में वृद्धि। अब, अतिरिक्त शुल्क को चुकाना उनके लिए मुश्किल हो सकता है, खासकर छोटे किसान वर्ग के लिए।


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