मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ कैंपेन से इनकार किया
मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है जिसमें उन्होंने भारत के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ कैंपेन से इनकार किया है। इस कैंपेन ने पिछले कुछ समय से मालदीव में राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ था।
मुख्य बिंदु:
- विदेशी सैन्य मौजूदगी पर बयान:
- मुइज्जू ने स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन विदेशी सैन्य मौजूदगी को लेकर चिंतित है, लेकिन उन्होंने किसी विशेष देश के खिलाफ नकारात्मक रुख अपनाने से मना किया। उन्होंने कहा कि उनके देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए किसी भी प्रकार की सैन्य मौजूदगी समस्याएँ पैदा कर सकती हैं।
- भारत के साथ रिश्ते:
- राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत के साथ अच्छे संबंधों को बनाए रखने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि मालदीव हमेशा अपने सहयोगियों के साथ सामंजस्यपूर्ण और सकारात्मक संबंध चाहता है, जिसमें भारत भी शामिल है।
- ‘इंडिया आउट’ कैंपेन का संदर्भ:
- ‘इंडिया आउट’ कैंपेन का उद्देश्य भारत की सैन्य मौजूदगी को समाप्त करना था, जो पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह के कार्यकाल के दौरान बढ़ी थी। मुइज्जू ने इस कैंपेन का समर्थन नहीं किया और इसे एक राजनीतिक रणनीति के रूप में वर्णित किया।
- आंतरिक सुरक्षा मुद्दे:
- मुइज्जू ने अपने प्रशासन की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।
राजनीतिक संदर्भ:
- विपक्ष की प्रतिक्रिया:
- मुइज्जू के बयान के बाद विपक्षी दलों ने उनकी नीति पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उनका तर्क है कि अगर भारत की सैन्य मौजूदगी को समाप्त किया जाता है, तो इससे मालदीव की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
- जनता की राय:
- आम जनता के बीच इस मुद्दे पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग मुइज्जू के विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य ने ‘इंडिया आउट’ कैंपेन के पीछे के राजनीतिक कारणों को लेकर चिंताएं व्यक्त की हैं।


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