बैन के बाद भी आतिशबाजी कैसे? SC ने दिल्ली पुलिस और सरकार से पूछे सवाल, मांगा एक हफ्ते में जवाब
दिल्ली में दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान आतिशबाजी पर प्रतिबंध के बावजूद, बैन के बावजूद होने वाली आतिशबाजी की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है और एक सप्ताह के भीतर उत्तर देने का निर्देश दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि:
- आतिशबाजी पर बैन: दिल्ली में वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले कुछ वर्षों में आतिशबाजी पर बैन लगाया था। यह बैन वायु प्रदूषण को कम करने और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लगाया गया था।
- बैन के उल्लंघन की घटनाएं: हाल के दिनों में दिवाली के आसपास कई क्षेत्रों में आतिशबाजी की घटनाएं देखने को मिली हैं, जिससे प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी हुई है। यह स्थिति अदालत के निर्देशों का उल्लंघन करती है।
- सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार से पूछा कि बैन के बावजूद आतिशबाजी कैसे हो रही है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विषय में उन्हें जवाब देने की आवश्यकता है कि क्या पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं या नहीं।
अदालत के आदेश:
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह एक हफ्ते के भीतर इस मामले में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करे। अदालत ने यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी:
- दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि नियमों का पालन किया जाए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- सरकार को इस मामले में जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है, ताकि लोग आतिशबाजी के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत हों।


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